कोचिंग सेंटर कैसे खोलें

 

भारत की आबादी दिन -प्रतिदिन बढ़ती जा रही है कम्पटीशन की अधिकता के कारण माँ बाप अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्रदान करना चाहते है। ज्यादा आबादी होने के कारण स्कूल व कोचिंग दोनों की ही मांग में बढ़ोत्तरी भी देखी गयी है।

आज के समय मे जितना जरूरी स्कूल में पढ़ाई करना है उतना ही जरूरी कोचिंग में भी पढ़ना हो गया। इसीलिए माँ-बाप भी अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों और कोचिंग में पढ़ने भेजते है।

अगर यही चीज़ को बिज़नेस के नजरिये से देखा जाए तो यह एक बहुत ही अच्छा बिज़नेस आईडिया है। आप अक्सर देखते होंगे कि कोचिंग के बाहर कितनी भीड़ रहती है और कितने बच्चे वहां पर पढ़ाई करने जाते है अगर आप पढ़े लिखे है तो आप भी खुद की कोचिंग खोल सकते है अगर आप पढ़े लिखे नही भी है तब भी आप अपनी कोचिंग इंस्टीटूट खोल सकते है और पैसे कमा सकते है। तो आज की हमारी पोस्ट में हम आपको कोचिंग इंस्टिट्यूट से जुड़ी सारी जानकारी देने की कोशिश करेंगे।

*कोचिंग सेंटर कैसे खोलें?*

कोचिंग सेंटर खोलने से पहले आपको यह निर्णय लेना होगा कि आप खुद वहां पर पढ़ाना चाहेंगे या फिर किसी दूसरे शिक्षक को अपनी कोचिंग में पढ़ाने के लिए रखेंगे। अगर आप खुद इस योग्य है कि कोचिंग में पढ़ा सकते है तो आपको खुद ही पढ़ाना चाहिए। क्योंकि अगर आप काबिल है तब भी आप किसी और दूसरे को पढ़ाने के लिए रखते है तो आप उसको जो पैसे देंगे वो आप एक तरह से व्यर्थ ही गवाएंगे। खुद पढ़ा कर आपकी मेहनत जरूर ज्यादा लगेगी पर मुनाफा भी अधिक होगा।

अगर आप ज्यादा पढ़े लिखे नही है तो आप कोचिंग सेंटर खोल कर खुद उसको मैनेज कर सकते है जबकि पढ़ाने का जिम्मा कुछ शिक्षकों को दे सकते है जिनको आप हर महीने एक सैलरी के बेसिस पर रखेंगे। ऐसे में आपका मुनाफा जरूर कम होगा पर आप यह काम पार्ट टाइम भी कर सकते है। कोचिंग मैनेज करने के साथ साथ आप कोई और काम भी कर सकते है।

*क्षेत्र की शिक्षा की मांग समझे*

क्षेत्र की शिक्षा की मांग को समझने से हमारा तातपर्य है कि आप जिस जगह अपना कोचिंग सेंटर खोलने वाले है वहां पर रहने वाले विद्यार्थी किस तरह के स्कूल में पढ़ते है और किस तरह की कोचिंग का वहां पर आभाव है?

स्कूल में किस तरह की शिक्षा दी जाती है ये जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आजकल स्कूल भी कई अलग अलग बोर्ड जैसे कि ICSE , CBSE और state बोर्ड की पढ़ाई मुहैया कराते है और यह सब एक दूसरे से बहुत ही अलग होती है आपको अपने स्किल के हिसाब से अपनी कोचिंग में पढ़ाये जाने वाले बोर्ड का चयन करना होगा।

*कोचिंग के विषयों का चयन करें*

अब जब आप अपने बोर्ड का चयन कर चुके है तो आपको सोचना होगा कि आप किस विषय को अच्छी तरह से दूसरों को पढ़ा सकते है। मान लीजिए आप इंग्लिस में अच्छे है और आपके क्षेत्र में इंग्लिश की कोचिंग की कमी है तो आप इंग्लिश पढ़ाना शुरू कर दीजिए। क्योंकि इस तरह की कोचिंग की वहां जरूरत है।

इसी तरह अगर आप एक विषय के अलावा दूसरे में भी उतने ही अच्छे है और मजबूत पकड़ रखते है तो आप दो विषय भी पढ़ा सकते है । जैसे कि इंग्लिश तो आप पढ़ा ही रहे है पर अगर आपका गणित या कोई और विषय अच्छा है तो आप वह भी पढ़ा सकते है। पर आपको बता दे कोचिंग वही ज्यादा लोकप्रिय होती है जिनमे सिर्फ एक ही विषय पढ़ाया जाता है। और आपके ज्यादातर बच्चे 9वी कक्षा के बाद के ही होंगे । इसलिए विषयो के चयन के बाद छोटी छोटी चीज़ों का ध्यान रखै। और जहां तक हो सके खुद एक विषय ही पढ़ाये। दूसरे विषय के छात्रों को भी अगर आप अपनी कोचिंग में पढ़ाना चाहते है तो उसके लिए शिक्षक रख ले। जो उस विषय मे अच्छा हो।

*कोचिंग सेंटर के लिए स्थान का चयन कैसे करें*

आपको कपनी कोचिंग सिर्फ उस जगह पर खोलनी चाहिए जहां से वह छात्रों की नजर में आसानी से आ जाए । इससे आपको कई फायदे होंगे और सबसे अहम बात की आपकी कोचिंग की मार्केटिंग भी फ्री में हो जाएगी।

कोचिंग के लिए उस स्थान का चयन करें जहां से आपके छात्रों को आने जाने में तकलीफ न हो। आपकी कोचिंग ज्यादा दूर जैसे कि शहर के आखिरी कोने में नही होनी चाहिए। क्योंकि छात्र कहीं दूर दराज पर स्थित कोचिंग तक नही जाएंगे। जहां तक संभव हो अपनी कोचिंग को एक शांत कमरे/ हॉल से शुरू करें। अगर आपके पास ऐसी जगह है तब तो ठीक है नही तो आप किराये पर लेकर भी शुरू कर सकते है।

*कोचिंग सेंटर के लिए क्या क्या सामान खरीदें?*

कमरा मिलने तक तो आपका सिर्फ 25 प्रतिशत की काम पूरा हुआ है कमरे या हॉल में आपको पढ़ाने के लिए कई और महत्वपूर्ण चीजो कि जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा छात्रों के बैठने का भी इंतेज़ाम करना होगा। इतना ही बल्कि आप जिस विषय को भी पढ़ाने वाले है उस विषय से जुड़ी सभी सामग्री (किताबे , पुराने पेपर्स आदि) को भी अपनी कोचिंग में रखना होगा।

गर्मी के मौसम में छात्रों के लिए पंखा/कूलर का भी इंतेज़ाम करना होगा। क्योंकि गर्मी में पढ़ाई बहुत ही कठिन होती है ऐसे में छात्र अपना 100 प्रतिशत नही दे पाते और वह पूरा ध्यान भी आपके बताये हुए टॉपिक्स पर नही लगा पाते। इसलिए कूलर / पंख बहुत ही आवश्यक है।

*कोचिंग सेंटर की फीस क्या रखें?*

अलग अलग जगहों पर कोचिंग की फीस अलग अलग होती है अब आप नई कोचिंग शुरू कर रहे है तो शुरू में उसकी फीस आपको कम ही रखनी चाहिए। क्योंकि कम फीस में अगर अच्छी शिक्षा दी जाए तो कोचिंग अपने आप ही चल निकलेगी। आसपास की कोचिंग के हिसाब से अपनी फीस तय करें।   एक बार आसपास के कोचिंग सेंटर में जरूर पता कर ले।

 

*कोचिंग सेंटर का रजिस्ट्रेशन कैसे कराए?*

अगर आप अपने आप को किसी भी तरह के झंझट से बचाना चाहते है तो आपको अपने कोचिंग सेंटर का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अलग अलग राज्यो में यह प्रक्रिया अलग अलग प्रकार से पूरी की जाती है। कोचिंग के रजिस्ट्रेशन इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह बिज़नेस के अंतर्गत आता है और आपको इससे हुई कमाई से टैक्स भी भरना होगा। ज्यादातर कोचिंग Shops & Establishments Act के अंतर्गत रजिस्टर की जाती है। अपने राज्य में रजिस्ट्रेशन के नियमो को जाने और फिर अपनी कोचिंग को रजिस्टर कराए।

 

*कोचिंग सेंटर खोलने की लागत*

कोचिंग सेंटर के लिए आपको अलग अलग सामान जैसे ब्लैकबोर्ड , कूलर या AC , चेयर और बेंच , कंप्यूटर आदि की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा भी कुछ और खर्चे होते है जैसे अगर किराये पर हॉल लिया है तो उसका किराया , बिजली का बिल आदि। उनको मिलाकर अगर देखा जाए तो आपकी लागत 70,000 से 1 लाख तक पहुंच सकती है।

आपको यह पैसे एक बारे ही निवेश करने पड़ते है इसके बाद तो आप कमाते है और कोचिंग में लगाते जाते है।

*कोचिंग सेंटर से मुनाफा*

अगर आपके पास 10 विद्यार्थी भी है तब भी आप उनसे अगर 500 रुपये लेते है तो आप महीने के 5,000 रुपये बड़े आराम से कमा लेंगे। दिन में आप आराम से 5 से 6 बैच पढ़ा सकते है और महीने के 20 से 30 हज़ार रुपये भी कमा लेंगे। अगर आप अच्छा पढ़ाते है तो आपकी यह कमाई आगे जाकर बढ़ेगी ही क्योंकि जैसे जैसे आपके छात्र आगे जाते जाएंगे वो दूसरे छात्रों को भी आप पर पढ़ने की सलाह देंगे ।

अच्छे शिक्षक को मार्केटिंग की जरूरत नही पड़ती। बस आप बेहतर पढ़ाते जाए । छात्र खुद आपके पास आएंगे।

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