बायोटेक्नोलॉजी में बनाएं अपना करियर , क्या है स्कोप पूरी जानकारी

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बायोटेक्नोलॉजी –
बायोटेक्नोलॉजी को ‘बायोटेक’ के नाम से भी जाना जाता है।  बायोटेक्नोलॉजी साइंस की ही एक ब्रांच है जिसमें बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी के अद्भुत मेल से रॉ मेटीरियल्स को आश्चर्यजनक इनोवेशन्स, डिस्कवरीज और प्रोडक्ट्स में बदला जाता है। बैक्टीरिया, यीस्ट या एंजाइम्स आदि बायोलॉजिकल माइक्रो organisms को आप इस कोर्स को करने के बाद इंडस्ट्रियल या मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेज से संबद्ध कार्य में इनका उपयोग समझ सकते है।

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भारत में बायोटेक्नोलॉजी की फील्ड में अब काफी अच्छा स्कोप है। इस फील्ड में सभी संभावित फ़ील्ड्स जैसेकि, फार्मास्यूटिकल, फ़ूड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और रिसर्च से संबद्ध कार्य शामिल हो चुके हैं। इन फ़ील्ड्स के अलावा भी अन्य कई फ़ील्ड्स में बायोटेक्नोलॉजी का योगदान है। चाहे वह बायोफ़र्टिलाइज़र्स, बायोपेस्टीसाइड्स, ग्रीन रेवोलुशन या आईटी की फ़ील्ड में रेवोलुशन लाने वाली बायोइन्फॉर्मेटिक्स से संबंधित मुद्दे हों, बायोटेक्नोलॉजी भारत के युवा वर्ग के लिए रोज़गार के ढेरों अवसर लाया है। यहाँ कुछ एरियाज है जहां बायोटेक्नोलॉजी पढ़ने वाले छात्रों के करियर के अभूतपूर्व विकास के लिए काफी संभावनाएं हैं, जैसे –

  • मेडिकल राइटिंग्स
  • कॉलेज और विश्वविद्यालय
  • फार्मास्युटिकल कंपनियां
  • आईटी कंपनियां
  • हेल्थ केयर सेंटर्स
  • एग्रीकल्चर सेक्टर
  • एनिमल हसबेंड्री
  • जेनेटिक इंजीनियरिंग
  • रिसर्च लैबोरेट्रीज
  • फ़ूड मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री
बायोटेक्नोलॉजी का कोर्स करने के लिए eligibility –
इस कोर्स को करने के लिए क्लास 12th में बॉयोलॉजी विषय होना अनिवार्य है तथा पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश पाने के लिए आपका ग्रैजुएट होना ज़रुरी है। 12 वीं के बाद आप बीई, बी एससी, बी टेक कर सकते है। ग्रेजुएशन के बाद स्टूडेंट मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर सकते है। अगर आप मास्टर डिग्री कर रहे है तो इसके लिए बायोटेक्नोलॉजी या बायोलॉजी में किसी भी एक ब्रांच से graduate होना जरुरी है।
प्रवेश प्रक्रिया –
बायोटेक्नोलॉजी में प्रवेश पाने के लिए IIT-JAM, AIEEE, AIIMS इन परीक्षाओं को देकर आप प्रवेश प्राप्त कर सकते है।
कोर्सेज के प्रकार और अवधि –
बायोटेक्नोलॉजी एक प्रोमिसिंग कोर्स है जिसमे कई कोर्सेज और सिलेबस शामिल होते हैं।  इस स्ट्रीम में अपना करियर बनाने के इच्छुक छात्र 12th क्लास (इंटरमिडीएट लेवल) की पढ़ाई पूरी करने के बाद यह कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स को join कर के, समझकर और विश्लेषण करके आप काफी अच्छी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आप इस कोर्स के तहत डॉक्टोरल डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं लेकिन आप विज्ञान की इस ब्रांच में शामिल बहुत तरह की बारीकियों और विवरण का पता लगाना में इंटरेस्टेड हो।बायोटेक्नोलॉजी के कोर्स को करने के चार तरीके है –

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  • डिप्लोमा कोर्सेज
  • बैचलर डिग्री कोर्सेज
  • पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज (मास्टर और पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा प्रोग्राम)
  • पीएचडी कोर्सेज
अगर आप डिप्लोमा कोर्से करना चाहते है तो –

बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा प्राप्त करने के लिए, छात्र उन कॉलेजों में इस कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं जो 10th क्लास पास करने के बाद छात्रों को यह डिप्लोमा कोर्स ऑफर करते हैं। इस कोर्स की अवधि 3 साल है। जिन छात्रों ने मैथमेटिक्स और साइंस सब्जेक्ट के साथ 10th क्लास पास कर ली है, वे बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स –

  • क्लिनिकल लेबोरेटरी टेक्निशियन
  • बायोलॉजिकल सप्लाइज मैन्युफैक्चरर
  • एनवायर्नमेंटल टेक्निशियन
  • फ़ूड सेफ्टी टेक्निशियन
  • फार्मास्युटिकल रिसर्च टेक्निशियन

अंडरग्रेजुएट कोर्से –

काफी सारे इंस्टिट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज अंडरग्रेजुएट कोर्सेज ऑफर करते हैं, वहां से आप बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अंडरग्रेजुएट कोर्स में अप्लाई करने के लिए, छात्र ने फिजिक्स, मैथ्स, बायोलॉजी और केमिस्ट्री के साथ 12 वीं क्लास अवश्य पास की हो I इस अंडरग्रेजुएट कोर्स की अवधि 4 साल होती है और छात्रों को इस अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एक एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है, जिसमे पास होने के बाद ही कोर्स में एडमिशन मिलता है। अंडरग्रेजुएट कोर्स में अप्लाई करने के लिए, छात्र ने फिजिक्स, मैथ्स, बायोलॉजी और केमिस्ट्री के साथ 12 वीं क्लास अवश्य पास की हो

बीटेक या ग्रेजुएशन करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स –

  • लेबोरेटरी असिस्टेंट
  • प्रोफेसर / एसोसिएट प्रोफेसर
  • बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट
  • बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव
  • सेल्स मैनेजर
  • मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव ट्रेनी

पोस्टग्रेजुएट कोर्से –

पोस्टग्रेजुएशन के लेवल पर, इस कोर्स को बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक या बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी के नाम से जाना जाता है। यह उस यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट पर निर्भर करता है जो कैंडिडेट्स को पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री या डिप्लोमा ऑफर करता है। पोस्टग्रेजुएशन लेवल पर इस कोर्स की अवधि केवल 2 साल है। बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक करने के लिए अप्लाई करने वाले छात्रों के लिए कम से कम 50% मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन या उसके समान योग्यता बहुत जरुरी हैI

पोस्टग्रेजुएशन या एमटेक करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स –

  • बैक्टीरियोलॉजिस्ट
  • मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट
  • एम्ब्र्योलॉजिस्ट
  • जेनेटिसिस्ट
  • इम्यूनोलॉजिस्ट
  • माइक्रोबायोलॉजिस्ट
  • बायो-इन्फॉर्मेटिशियन
  • फार्माकोलॉजिस्ट
  • बायो-एनालिटिकल केमिस्ट
  • फ़ूड केमिस्ट
  • एनवायरनमेंटल केमिस्ट
  • मेडिकल बायोकेमिस्ट

डॉक्टोरल प्रोग्राम्स –

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जो उम्मीदवार बायोटेक्नोलॉजी में डॉक्टोरल डिग्री करना चाहते हैं, वे अपनी पोस्टग्रेजुएशन पूरी करने के बाद पीएचडी कोर्सेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं। पीएचडी कोर्सेज की अवधि आमतौर पर 3 से 4 साल की होती है जो थीसिस पूरी करने के लिए शामिल रिसर्च वर्क पर निर्भर करती है। पीएचडी फुल टाइम और पार्ट टाइम दोनों तरीके से किया जा सकता है।

पीएचडी करने के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल्स –

  • बायोटेक्नोलॉजी रिसर्चर
  • प्रोसेस इंजीनियर
  • बायोटेक्नोलॉजी एंड फार्मास्यूटिकल रिसर्च एनालिस्ट
  • लीड बायोटेक्नोलॉजी कंसलटेंट
  • क्लिनिकल प्रोजेक्ट मैनेजर
  • पेटेंट सर्च एनालिस्ट
  • रिसर्च साइंटिस्ट
  • मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट एंड लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट
  • क्वालिटी अश्योरेंस / क्वालिटी कंट्रोल एग्जीक्यूटिव
  • बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट

बायोटेक्नोलॉजी के तहत कुछ सब-स्पेशलाइजेशन कोर्सेज भी किये जा सकते है जो इस प्रकार है –
जब कोई छात्र बायोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम करना चाहता है तो वह निम्नलिखित में से कोई एक स्पेशलाइजेशन कोर्स चुन सकता है। ये स्पेशलाइजेशन्स अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लेवल पर किये जा सकते हैं लेकिन, हरेकसभी इंस्टिट्यूट अपने छात्रों को निम्नलिखित सभी स्पेशलाइजेशन्स ऑफर नहीं करते हैं। अगर आप किसी विशेष डोमेन में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो किसी इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेने से पहले इस इंस्टिट्यूट के प्रोग्राम ब्रोशर में उस इंस्टिट्यूट द्वारा ऑफर किये जा रहे स्पेशलाइजेशन कोर्सेज के नाम एक बार जरूर चेक कर लें।

 कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्सेज इस प्रकार है –
  • जेनेटिक्स
  • वीरोलॉजी
  • इम्युनोलॉजी
  • बायो-स्टेटिस्टिक्स
  • फार्माकोलॉजी
  • मॉलिक्यूलर बायोलॉजी
  • एनिमल हसबेंड्री

कुछ अच्छे इंस्टीटूट्स/कॉलेजेस जो बायोटेक्नोलॉजी का कोर्स करवाते है –

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मद्रास
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग (बीएसबीई), आईआईटी, मुंबई
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी,  नई दिल्ली
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग, आईआईटी, कानपुर
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, आईआईटी, रुड़की
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, आईआईटी, गुवाहाटी
  • सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, आईआईटी, हैदराबाद
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई

सैलरी प्रॉस्पेक्ट्स –

बायोटेक्नोलॉजी कोर्स पूरा करने के बाद आप नौकरी कर के निम्न वेतन प्राप्त करते है।

  • फ्रेशर्स – 2 से 3 लाख
  • मिड-लेवल – 4 से लाख
  • सीनियर लेवल – 7 से 10 लाख
  • टॉप लेवल – 10 लाख से ज्यादा

बेंगलुरु: एक नया बायोटेनोलॉजी हब –

भारत में बेंगलुरु का नाम तेजी से बायोटेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहाँ की बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों का वार्षिक कारोबार डेढ़ हजार करोड़ रुपए को पार कर चुका है। कुछ समय पहले तक यहाँ पर बायोटेक्नोलॉजी के विविध क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियों की संख्या 175 से अधिक थी। ये कंपनियाँ बायोएग्रो, बायोइंडस्ट्री, बायोसर्विसेज, बायोफार्मा, बायोइन्फार्मेटिक्स, हर्बल प्रोडक्टस, बायोजेनेटिक अथवा बायोसिमिलर, बायोमैन्यूफैक्चरिंग, स्टेम सेल, रीजनरेटिव मेडिसिन इत्यादि अग्रणीय क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

बायोटेक इंजीनियर्स के लिए मशहूर फर्म्स –
भारत की कुछ टॉप की फर्म्स जो बायोटेक्नोलॉजी में करियर बना रहे इंजीनियर्स को काफी अच्छा मौका देती है।

  • बायोकॉन लिमिटेड
  • नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा संचालित इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल)
  • ग्लैक्सोस्मिथक्लिन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड
  • ट्रांसएशिया बायो-मेडिकल्स
  • वॉकहार्ट
  • पिरामल ग्रुप
  • सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • रासी सीड्स(पी) लिमिटेड
  • शांथा बायोटेक्निक लिमिटेड
  • क्रेब्स बायोकेमिकल्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केबीआईएल)
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