गाय पालन व्यवसाय – Dairy Farming Business Plan & Information in Hindi

गाय पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें? दोस्तों अभी तक हमने कई प्रकार के लघु एवं कुटीर उद्योगों के बारें में जाना जिनमें ज्यादातर घरेलू वातावरण को ध्यान में रखते हुए थे। आज फिर आपको हम एक ऐसे व्यवसाय के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मांग भारत में सबसे ज्यादा रही है। इस व्यवसाय की मांग बढ़ती जा रही है पर कम नहीं पड़ेगी। जी हां, दोस्तों आप खुद भी इस व्यवसाय के बारे में जानने के लिए राह देख रहे होंगे पर आपको सही गाइड नहीं मिली होगी। आज हम आपके लिए गाय पालन व्यवसाय की सम्पूर्ण जानकारी लेकर आए हैं जिसे आप एक अच्छा चलने वाला व्यवसाय बना सकते हैं। गाय पालन करके दूध का व्यापार से हम बहुत ही profit वाला business कर सकते हैं। इस बिज़नेस को हमलोग dairy farming भी कहते है।

गाय पालन Dairy Farming Business Planning & Informations

दोस्तों ये बात कोई आपसे छिपी नहीं है कि डेयरी प्रोडक्ट की मांग बाजार में कितनी है। जितनी मांग हमारे लिए खाने के लिए सब्जियों की है उससे कई गुना ज्यादा मांग आज डेयरी प्रोडक्ट की है। ऐसा कोई दिन नहीं निकलता कि आप सुबह उठकर चाय ना पीये। चाय इंसान की दिनचर्या में इतनी शामिल है कि इसके बिना तो आपकी सुबह ही नहीं होती। कई घरों में तो दिन में 4 से 5 बार चाय बन जाती है और पता ही नहीं चलता कि कब एक से दो-तीन किलों दुध आ जाता है।

इसके साथ ही हमारे देश में एक मान्यता है कि कोई भी शुभ कार्य करने से पहले दही खाकर घर से निकलने पर वो कार्य सफल होता है और दही एवं छाछ का सेवन रोजाना खाने के बाद किया जाता है। ये बात आप भी जानते हैं। ये ऐसे प्रोडक्ट नहीं जो छुटकर लोगों के ही काम आते हो बल्कि ये प्रोडक्ट हर घर में हर इंसान के काम आने वाले प्रोडक्ट हैं। हमारे हिंदु धर्म में कई तीज-त्योंहार आते हैं जिनमें हम दुध से बने मावे का भगवान के भोग लगाते हैं। इतना ही नहीं कोई भी खुशखबरी होने पर लोग मावे से मुंह मीठा कराते हैं। कई सारी मिठाइयां मावे के बिना नहीं बनती। साथ ही हमारे देश में भगवान की पूजा में गौ मूत्र को पवित्र माना जाता है इतना ही नहीं गौ मूत्र से हमारे शरीर के कई रोग दूर हो जाते हैं, इसीलिए कई बार गौ मूत्र का उपयोग दवा के रूप में भी होता है। कई घरों में दाल बाटी चूरमा चाव से बनाकर सप्ताह में एक बार खाया जाता है, जिसमें लोग भरपूर घी का उपयोग करके खाते हैं। आपने देखा होगा हमारे देश में हिंदु धर्म में गाय के गोबर का भी उपयोग होता है। गोबर को सूखाकर कंडे बनाये जाते हैं इससे देवता को धूप लगाया जाता है साथ ही इर्से इंधन के रूप में भी काम में लिया जाता है। आज के वक्त में लोगों के पास जब अच्छा खासा पैसा हो जाता है तो वो गाय पालन या डेयरी फार्म खोलने का ही सोचते हैं। तो दोस्तों हमारे इस प्रयास से आपको भी अंदाजा हो गया होगा कि इस उद्योग का भविष्य कहां तक है।

गाय पालन Dairy Farming का तरीका – How to start Dairy Farming in India

दोस्तों सबसे पहले ये व्यवसाय आपके इंवेस्टमेंट के हिसाब से तय होगा कि आपके किस स्तर का व्यवसाय शुरू करना है क्योंकि ये व्यवसाय आप छोटे स्तर से बड़े स्तर पर जैसा भी आपका इंवेस्टमेंट हो उस हिसाब से शुरू हो सकता है। सबसे पहले आपको अच्छी नस्ल की गाय जो कि अच्छी मात्रा में अच्छी क्वालिटी का दुध दे सके उसकी जरूरत होगी। आपको किस नस्ल की गाय खरीदनी है ये हम आगे चर्चा करने वाले हैं। यदि आप चाहें तो 2 से 3 गाय पालकर भी इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं तो भी कर सकते हैं।

उसके बाद आपको गाय रखने के लिए गाय के रहने योग्य जगह की व्यवस्था करनी होगी। उसके बाद आपको गाय के खाने के लिए पोषणयुक्त आहार की व्यवस्था करनी होगी। आपको गाय के खान पान के लिए उचित व्यवस्था करनी होगी। इन सभी की चर्चा हम आगे करके आपको विस्तृत रूप से समझाने वाले हैं। दोस्तों फिक्र ना करें जिस प्रकार आपको लघु उद्योगों आदि में लोन मिल रहा था ठीक वैसे ही आपको इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए भी भारत सरकार की योजना के अनुसार नाबार्ड द्वारा लोन दिया जाता है। दोस्तों यदि आपको एक बात पता नहीं हो तो हम आपको बता देतें हैं कि लोन लेने वाला किसी बैंक से दिवालिया घोषित नहीं होना चाहिए आदि बातें तो आप जानते हैं लेकिन किसी भी बैंक से उद्योग हेतु लोन तब मिलता है जब आपके उद्योग से 4 बेरोजगारों को और रोजगार मिलें।

गाय पालन कैसे करें ? Dairy Farming Business Plan Information

दोस्तों सबसे पहले तो आपको आपके व्यवसाय के हिसाब से गाय खरीदनी होगी। गाय खरीदने के लिए आपको कई सारे अवसर सरकार की ओर से मिलते हैं। कई जगहों पर पशु मेलों का आयोजन किया जाता है जहां पर अच्छी-अच्छी नस्ल के पशु बीकने आते हैं। आप ऐसे अवसर का फायदा अपने व्यवसाय को बेहतर बनाने के लिए ले सकते हैं। गाय को पालते कैसे हैं ये भी एक प्रश्न आपके दिमाग में गुम रहा होगा। आपने अपने नजदीक या गांवों में गाय पालन के स्ट्रक्चर को तो देखा ही होगा। मैं आपको ऐसा इसलिए बता रहा हूं क्योंकि व्यक्ति किसी भी विषय पर अच्छे से तब सीखता है जब उसको उसके पूर्व ज्ञान के आधार पर समझाया जाये।

गाय को पालने के लिए आवास Cow Shed Construction

गाय को पालने के लिए सबसे पहले आपके गाय के रहने के लिए आवास तैयार करना होगा जो उसके आवासीय वातावरण को ध्यान में रखते हुए आपको तैयार करना होगा। सबसे पहले आपको गाय को जिस स्थान पे रखना है उस क्षेत्र को घास या लोहे, सीमेंट आदि से बने छज्जों से ढ़कना होगा। उसके बाद आपको गाय के बांधने के लिए खूटे लगाने होंगे साथ ही गाय को बांधने के लिए आपको रस्सी की जरूरत पड़ेगी जो आपको खरीदनी होगी। गाय के लिए हो सके तो मच्छर आदि के बचाव के लिए वहां पर पंखे लगवा दे। जिस स्थान पर गाय रहेगी उस जगह पर पानी के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि गाय प्यास लगने पर खुद ही पानी पी सके।

गाय के पौष्टिक आहार की व्यवस्था Food for Cow

उसके बाद आपको गाय के पौष्टिक आहार की व्यवस्था करनी होगी क्योंकि गाय जितनी स्वस्थ रहेगी उतना ही अच्छा वो दुध आदि देगी। गाय के स्वास्थ्य के लिए उसके समय≤ पर टीका लगवाना भी जरूरी है। आपको गाय के लिए ऐसा पौष्टिक भोजन बनाना है जिसमें प्रोटिन आदि तत्व सम्मिलित होकर गाय को स्वस्थ रख सके। उसके लिए आपके पास एक तरीका है, आप अपने आस-पास के किसानों से सम्पर्क करके उनके खेतों में लगने वाले उत्पाद का फायदा ले सकते हैं। जैसे आप मक्का के बचे हुए डंठल और सूखे गन्नो को पीसकर गाय के लिए एक पौष्टिक आहार तैयार कर सकते हैं। इसके लिए हमने आपको सम्पूर्ण प्लान पहले बता ही दिया था कि पशु आहार आप अपने घर ही अपने स्तर पर कैसे तैयार कर सकते हैं यदि आपने वो प्लान नहीं पढ़ा है, तो इसी वेबसाइट पर ”पशु आहार उद्योग” को पढ़ ले आप आसानी से समझ जायेंगे कि आपके गाय के आहार की व्यवस्था किस प्रकार करनी है।

आपको गाय की नियमित रूप से देखभाल करनी होगी। गायों को नियमित रूप से स्नान कराना होगा, उनका दुध आप हाथों से निकाल सकते हैं लेकिन गायों की संख्या ज्यादा होने के कारण ये काम आपको मशीन के द्वारा करना होगा। कई सारी मशीन गाय का दुध निकालने के लिए मार्केट में अवेलेबल हैं उसे आप खरीद ले। आपको गाय के पालन और इस डेयरी फाॅर्म के उद्योग में मेहनत तो करनी ही होगी क्योंकि इस मेहनत से पैसों के साथ-साथ भारतीय हिंदु धर्म की मान्यता के अनुसार आपको गाय पालन से पुण्य भी मिलेगा।

किस नस्ल की गाय फायदेमंद रहेगी Cow Breed Selection

दोस्तों गाय पालन के व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपके मन में एक बड़ा प्रश्न यही है कि किस नस्ल की गाय खरीदनी चाहिए जो दुध सबसे ज्यादा दे और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहती हो। जो गाय सबसे अधिक दुध देती है, वो है होल्सटीन फ्रिसियन गाय। ये गाय 20 से 40 लीटर दुध देती है और स्वास्थ्य के हिसाब से भी फीट रहती है, इसीलिए ये गाय आपके दुध उत्पादन आदि डेयरी प्रोडक्ट में लाभदायक सिद्ध होगी। इस गाय की एक नस्ल का्रॅस ब्रीड भी होती है जो दुध देने की दृष्टि से अच्छी नस्लों में से एक है। आपको इनके रहन सहन के हिसाब से वातावरण डेवेलप करना होगा ताकि ये आपके वातावरण में समायोजित हो सके। इसके बाद आप देशी जर्सी गाय आदि को भी छोटे स्तर के उद्योग के लिए खरीदकर अपने उद्योग को बढ़ा सकते हैं।

गाय बछड़ा कब देती है

दोस्तों सबसे पहले तो जिस प्रकार इंसान नौ माह के अंतराल के दौरान बच्चे को जन्म देता है ठीक उसी प्रकार गाय बछड़े को जन्म 275 से 280 दिन के अंतराल में देती है। इनका सम्भोग काल वर्ष भर किंतु गर्मियों में अधिक माना जाता है। गाय के विकास के लिए कृत्रिम गर्भाधान भी कराया जाता है। कृत्रिम गर्भाधान का टिका लगने के 60 से 90 दिनों में गाय के गर्भ की जांच कराई जाती है। गाय के गर्भ का समय पूरा होने के बाद चिकित्सक आदि की सहायता से गाय के बछड़े को जन्म दिया जाता है।

बछड़े के उचित पालन से बछड़े का बड़ा होना

दोस्तों गाय के बछड़े के पालन को भी ध्यान में रखना अत्यंत जरूरी होता है। जब भी गाय बछड़े को जन्म दे उसे गाय के सामने लेटा देना चाहिए जिससे कि गाय उस बछड़े को चाटने लगती है और बछड़े को श्वास लेने में आसानी होती है और वो नया नया होने के कारण वातावरण में समायोजित हो जाता है। एक बात बछड़े के जन्म के दौरान हमेशा ध्यान रखनी है कि जन्म के 2 से 3 घंटे में बछड़े को गाय का दुध पीने दे क्योंकि उस समय पीलाया गया दुध बछड़े के लिए इतना पौष्टिक होता है कि उसे भविष्य में होने वाली बीमारियों से खतरा कम हो जाता है।

उसके जन्म के कुछ दिन बाद बछड़े को पेट के कीड़े मरने की दवाई दे दे ताकि वो पूर्ण रूप से स्वस्थ रह सके क्यांकि यदि पेट सही रहेगा तो वो भी सही रहेगा। इसके साथ ही बछड़ो के लिए भी एक पौष्टिक आहार होना चाहिए ताकि बछड़े स्वस्थ रह सके। जन्म के 15 दिन के बाद उसके लिए जो भी आहार मार्केट में अवेलेबल हैं या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार उसे शुरू करें। समय के अंतराल के हिसाब से बछड़े के आहार में बदलाव होता है इस बात का हमेशा खयाल रखें। बछड़े की अच्छी वृद्धि के लिए विटामिन्स आदि खाने के जरूरी तत्वों को ध्यान में रखकर आहार खिलाना चाहिए। बछड़ो को समय≤ पर उसकी मां के साथ खुले वातावरण में गुमाना चाहिए। बछड़े की देखभाल आपको सावधानी पूर्वक करनी होगी।

क्या-क्या उत्पाद और कैसे बेच सकते हैं आप Cow Milk Business

#1. दोस्तों जैसा कि हमने आपको कई सारे डेयरी प्रोडक्ट के बारे में पहले ही बता दिया है लेकिन आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आप किन-किन डेयरी उत्पादों का उत्पादन कर सकते हैं। सबसे पहले तो आप गाय के नियमित दिए जाने वाले दुध को एकत्रित करके उसे आपके नजदीकी डेयरी पर बेच सकते हैं। ये आपके फिक्स ग्राहक बन जायेंगे यदि ये आपके सीमित वक्त के लिए भी हो तो भी आपके टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि दुध के ग्राहक एक नहीं आपको हजार मिल जायेंगे।

#2. आप डेयरी के साथ-साथ दुध को कम्पनी में बेच सकते हैं। आप आपके आस-पास के लोगों को रोजाना दुध उपलब्ध करा सकते हैं जो आपको प्रति एक किलो पांच रुपये ज्यादा ही देंगे। एक बात यहां हम आपको ये बता देते हैं कि गांवों की अपेक्षा शहरों में गाय का शुद्ध दुध,छाछ और घी उपलब्ध नहीं हो पाता है इसीलिए आप अपने उत्पादन को शहरों की ओर प्रसस्त कर सकते हैं जहां आप एक उच्च क्वालिटी का दुध लोगों को उपलब्ध करा पायेंगे।

#3. इसके बाद आप दुध से दही जमाकर उसे भी डेयरी या कम्पनी या आपके पास के लोगों को बेच सकते हैं। दही जमने के बाद आप एक मशीन के द्वारा या जैसे भी आप उचित समझे उस दही से छाछ फेरकर बाजार में बेच कर अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं। जो लोग ग्रामीण परिवेश से हैं वो तो इस व्यवसाय को सबसे अच्छी तरह से आगे बढ़ा सकते हैं बस उन्हें जरूरत है तो सिर्फ एक सही गाइडेंस की।

#4. इन सबके बाद आप घी बनाकर भी कई सारी कम्पनी को बेच सकते हैं। यही नहीं कई लोगों ने एक अच्छा मेनेजमेंट management करके डेयरी फाॅर्म के साथ-साथ इनके प्रोडक्ट की अलग-अलग कम्पनियां तक खोल ली है, जिससे की उनकी मार्केट वेल्यू और कम्पनी की गूडवील जोरों से बढ़ रही है।

#5. इसके बाद एक बात आप भी जानते हैं कि खेतों में फसलों की अच्छी पैदावार करने के लिए और उच्च क्वालिटी की फसले पैदा करने के लिए उनमें गोबर की खाद बनाकर मिलाई जाती है। आप गाय के गोबर को खाद बनाकर भी बेच सकते हैं इसके लिए आपके पास अच्छे खासे कस्टमर्स होंगे। कई सारे खेत में फसल बोने वाले किसान आपको मिल जायेंगे आप उनसे सम्पर्क बनाकर उन्हें खाद बनाने के लिए प्रेरित भी कर सकते हैं।

#6. इतना ही नहीं गाय के गोबर से बायोगैस का निर्माण होता है जिसको र्कि इंधन के रूप में प्रयोग लिया जाता है। ये गैस ईंधन के लिए सुरक्षित गैस होती है जिसका उपयोग कई घरों में ईंधन के रूप में किया जा रहा है। आप बायोगैस के द्वारा भी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। गाय के गोबर से कंडे का निर्माण होता है जो गोबर को सुखाकर बनाया जाता है। आपने गांवों में देखा होगा कि गाय के गोबर को इकट्ठा किया जाता है, वो इसीलिए किया जाता है। गाय के गोबर से कंडे बनाकर आप इनको बेच सकते हैं। आपने देखा होगा कि कंडे कि मांग भी आज के वक्त में ईंधन के साथ-साथ धार्मिक पूजन के लिए भी है। इनको काफी मात्रा में कट्टे आदि में पैक करके गिनकर बेचा जाता है। आज कल ऐसे कई सारे प्रोडक्ट हैं जो दुध से बनते हैं। तो दोस्तों आपने देखा कि आप किन-किन प्रोडक्ट को किस प्रकार मार्केट में एक अच्छी रेट से बेच सकते हो।

किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा Dairy Farm Business Management – Important Points

इस उद्योग को शुरू करने से पहले आपको इस बात का खयाल रखना है कि आप कितने बड़े स्तर पर इस उद्योग को शुरू करना चाहते हैं और आपके पास इंवेस्टमेंट है। इसके साथ ही एक बात सोचले यदि आप अच्छी मेहनत कर सकते हैं तो ही इस उद्योग को शुरू करने का सोचे। यदि आपको इसके प्रशिक्षण की जरूरत है तो आप सरकार द्वारा दिये जा रहे प्रशिक्षणों का भी लाभ उठा सकते हैं। यदि आप मेहनत करने से कतराते हैं तो आप इसके लिए कोई अच्छे काम करने वाले ग्रामीण क्षेत्र के युवकों को रख ले लेकिन इस उद्योग में कभी भी लापरवाही ना बरतें। हिंदु धर्म की मान्यताओं के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है। इस हेतु आपने देखा होगा गौ माता के विकास और बचाव के लिए कई संस्थाएं काम कर रही है साथ ही कई गौ शालाओं खुली हुई है जिनमें गाय का अच्छा पालन होता है। आप गौ शालाओं में जाकर भी गाय पालन के लिए उचित जानकारी ले सकते हैं।

गाय और बछड़ो को कुत्ते आदि जानवरों से सावधान रखें कई बार कुत्तों द्वारा गाय के बछड़े को जख्मी कर दिया जाता है। कई बार जहरीलें जानवरों के काटने से इनकी मृत्यु हो जाती है इसीलिए जब भी आप इनके लिए आवास बनाए तो वहां जहरीले जानवरों की भरमार नहीं होनी चाहिए।

बारिश के दिनों में आप गाय और बछड़ो का विशेष ध्यान रखें क्योंकि कई बार बिजली के खंभों आदि से करंट आता है जिसके पास जाने से गाय आदि पशु करंट के सम्पर्क में आ जाते हैं और इनकी मृत्यु हो जाती है। इसके बाद आपने देखा होगा कि सड़कों पर जब अवारा पशु जमा हो जाते हैं जो बाहर के वातावरण एवं सुरक्षा के बीच अवरोध बन जाते हैं जिसके लिए सरकारी आदेश के अनुसार पशुओं को पकड़के ले जाया जाता है, उसके बाद आप पशुओं को ढूंढ़ने में लगे रहते हैं, तो इस बात का खयाल रहे कि आप अपने पाले गए पशुओं को खुला न छोड़े वरना आपको भी इस दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

कई बार गाय या बछड़ो का स्वास्थ्य खराब हो जाता है और पशुपालक के द्वारा ध्यान नहीं दिये जाने पर उन्हें मरना तक पड़ जाता है। आपको कभी भी इनकी स्थिति खराब लगे तो आप आपके नजदीकी पशुचिकित्सालय से इनका इलाज करा सकते हैं गम्भीर परिस्थिति होने पर आप पशुचिकित्सक को काॅल करके वहीं इलाज के लिए वहीं बुला सकते हैं इसलिए आप हमेशा पशुचिकित्सक के सम्पर्क नम्बर अपने पास रखें। कई ऐसे काॅल सेंटर भी है जहां काॅल करके आप इनके स्वास्थ्य के लिए कोई जानकारी भी लेनी हो तो ले सकते हैं। जब कभी गाय या बछड़ा खाना बंद कर दे या दुध देना बंद कर दे तो आपको समझ जाना चाहिए कि इनके स्वास्थ्य में कोई ना कोई खराबी आ गई है और तुरंत आप उनकी चिकित्सा के बारे में सोचे। आप समय≤ पर इनकी जांच करवाते रहे क्योंकि ये स्वस्थ रहेंगे तो ही आपका उद्योग चलेगा नहीं तो आपके उद्योग में अवरोध आना तय है।

यदि कुछ दिन के लिए गाय ने दुध देना बंद कर दिया तो आप उन्हें कुछ दिन तक दुध उपलब्ध नहीं करा पायेंगे। ऐसे मौके में वो आपके यहां से दुध लेना बंद कर सकते हैं। दुध ग्राहकों को तभी अच्छा लगेगा जब गाय स्वस्थ रहकर दुध देगी। हमेशा आप ताजा दुध और ताजा प्रोडक्ट को ही बेचे जिससे कि आपके उत्पाद कि मार्केट वेल्यू बनी रहे। कई बार आपने भी देखा होगा कि लोग 1 या 2 बार किसी से दुध लेकर उससे दुध लेना इस कारण से बंद कर देते हैं क्योंकि वो दुध या तो ताजा नहीं होता या अच्छी क्वालिटी का नहीं होता।

गाय की किसी भी नस्ल को हमेशा वातावरण मेें सयोजन की स्थिति को ध्यान में रखकर ही खरीदें। गाय जब बछड़े को जन्म दे तो आप बछड़े की देखभाल करने के चक्कर में गाय की देखभाल करना न भूल जाये। उस वक्त गाय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसकी देखभाल करना ना भूले, उसके लिए भी आप दवा और आहार का प्रयोग एक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करें। तो दोस्तों आज आपको गाय पालन और डेयरी फाॅर्म उद्योग से जुड़ी हर जानकारी मिल गई होगी। आज हमने सीखा कि किस तरह हम गाय पालन और डेयरी फाॅर्म के उद्योग को शुरू कर सकते हैं।

5 thoughts on “गाय पालन व्यवसाय – Dairy Farming Business Plan & Information in Hindi

  1. मुझे गाय पालन व्यवसाय में सफलता पाने के लिए क्या करना चाहिए और मैं इस व्यवसाय को कहा कहां से शुरू करूं प्लीज मुझे गाइड करें मुझे आपकी हेल्प की जरूरत है क्योंकि मैं यह व्यवसाय पूरे ईमान से करना चाहती हूं….

    • हिंदली को संपर्क करने का धन्यवाद् संजू कुमारी जी , गाय पालन में सफलता पाने के लिए आपका पूरा समय और मेहनत चाहिए यदि आप इस रोजगार को ईमानदारी से करेंगी तो आप बहुत आगे जाएँगी , इसे आप पहले छोटे पैमाने पर शुरू करें 2 -3 अच्छी नसल की दूधारू गाय से शुरू करें जो कम से कम भी 12 -15 ltr दूध रोजाना दे , गाय पालन में सबसे बड़ी समस्या आती है दूध के बिक्री में , कोशिश करे की डायरेक्ट कस्टमर को बेचें बिचौलिये और होटल वाले को न बेचें इससे आपको पैसे टाइम पर नहीं मिलेंगे और दाम भी अच्छे नहीं मिलेंगे, क्यूंकि अच्छे नसल की एक गाय की खोराक में ही 200 रुपया प्रतिदिन का खर्चा है , सबसे पहला कोशिश करें के लोकल कस्टमर बना लें जो सुबह और शाम आकर आपके डेरी से दूध ले जाएँ यदि आप शहरी क्षेत्र में हैं तो यह काम आसानी से हो सकता है

      आप प्रारम्भ करें हिंदली टीम आपको गाइड करेगी

      धन्यवाद्

  2. मै राज्य बिहार के कटिहार जिला का निवासी हु और मै गाय पालन का कम सुरु करना चाहता हु कटिहार जिला के लिए गाय का कोण सा नसल यहाँ के लिए उन्नत होगा

    • बिहार के कटिहार जिले के लिए अगर आप को उन्नत नसल की गाय चाहिए तो आप जर्सी या H . फ cross ले सकते हैं , Holstein Friesian जो की काले और सफ़ेद रंग की चितकबरी गाय होती है दूध उत्पादन के लिए बहुत अछि है और बिहार के जलवायु के अनुकूल है , गाय खरीदारी करने से पहले कभी भी व्यापारी का भरोसा न करें स्वयं दूध दूह के सुबह शाम देख लें यदि 12 – 20 ltr है तभी खरीदें

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