LLB कोर्स की पूरी जानकारी हिंदी में।

 

LLB आपने इस कोर्स के बारे में तो अवश्य ही सुना होगा । पर शायद आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी न हो। आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इस विषय के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशिश करेंगे।

LLB या फिर Legum Baccalaureus शब्द लैटिन भाषा से लिया गया है। बहुत सी जगहों पर इसे Bachelor of Laws भी कहा जाता है। LLB एक लॉ से जुड़ी हुई डिग्री है जिसमे व्यक्ति को कानून की हर उस बारीकी को पढ़ाया जाता है जिससे वह आगे चलकर वकील बनने के बाद इस्तेमाल में लाता है।

भारत मे रोजगार की काफी कमी है और वेसे भी engineering और मेडिकल के क्षेत्र में आजकल पहले जितनी नौकरियां भी नही निकल रही है इसलिए हाल के समय मे लोगों का रुझान वकालत से जुड़े कोर्स की तरफ बढ़ा है।

*LLB क्या है?*

LLB वकालत की पहली सीढ़ी होती है वकालत में आप कानून के सभी दाव-पेंच सीखते है और फिर उनको अदालत में इस्तेमाल करके अपने क्लाइंट को बचाते है।

वेसे तो LLB कोर्स 2 तरह का होता है। जिसको अलग अलग समय अवधि के हिसाब से बांटा जाता है । एक कोर्स 3 साल में पूरा होता है और दूसरा 5 सालो में पूरा होता।

3 साल के LLB कोर्स को सिर्फ वही लोग कर सकते है जो स्नातक यानी कि ग्रेजुएट है। जबकि 5 साल वाले कोर्स की पढ़ाई आप बारहवीं के बाद सीधे शुरू कर सकते है। इन दोनों कोर्स के लिए आपका किसी खास विषय से होना जरूरी नही है। LLB कोर्स आप किसी भी विषय से बारहवीं करने के बाद कर सकते है।

LLB करने के बाद आप वकील बन सकते है या फिर आप चाहे तो जज की पढ़ाई भी कर सकते है भारत एक ऐसा देश है जहां पर वकील और जजो को खासी इज्जत दी जाती है।

*LLB में एडमिशन के लिए जरूरी चीज़ें?*

वेसे तो LLB में एडमिशन लेना बहुत ही आसान है। अगर आप 3 साल के कोर्स के लिए एडमिशन चाहते है तो आपका ग्रेजुएट होना बहुत जरूरी है इसके साथ ही कॉलेज में आपके मार्क्स 50 प्रतिशत तो रहने ही चाहिए। या आंकड़ा कॉलेज के हिसाब से बदल भी सकता है।
LLB में एडमिशन के लिए उम्र की कोई भी तय सीमा नही है।

वहीं अगर आप बारहवीं के बाद LLB के लिए एडमिशन लेना चाहते है तो आपके हायर सेकेंडरी में 50 प्रतिशत से अधिक नंबर होने चाहिए। इसके बाद आप कॉलेज में अप्लाई कर सकते है।

अच्छे कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए आपको एंट्रेंस भी देना पड़ेगा । आइये जानते है LLB के एंट्रेंस के बारे में।

*LLB के लिए एंट्रेंस टेस्ट*

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना होता है। लॉ स्कूल में पढ़ने के लिए कई अलग अलग तरह के टेस्ट होते है जैसे CLAT, LSAT, AILET आदि। इन सब एंट्रेंस के बारे में आइये थोड़ा विस्तार में जानते है।

• CLAT (Common Law Entrance Test) = यह एंट्रेंस टेस्ट नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए किया जाता है। यह हर साल में 1 बार ही होता है। आप इसमें बारहवीं के बाद बैठ सकते है।

• LSAT (Law School Admission Test)= यह टेस्ट ग्लोबल यूनिवर्सिटी/कॉलेज में एडमिशन के लिए दुनियाभर में कराया जाता है भारत के कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज भी इसके आधार पर छात्रों को एडमिशन देते है। यह साल में 4 बार कराया जाता है।

• AILET (All India Law Entrance Test) = AILET दिल्ली की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी द्वारा कराया जाता है। आप इस एंट्रेंस के जरिये दिल्ली के लॉ कॉलेज में एडमिशन पा सकते है।

*LLB में क्या कैरियर स्कोप है?*

LLB बाकी के कोर्स से थोड़ा अलग है जहां आजकल दूसरे डिग्री वाले नौकरी के लिए इधर उधर भटकटे है वही LLB वाले के साथ ऐसा नही है उनके पास कई विकल्पों में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने का मौका रहता है और वह कई अलग अलग जगहों पर अपना भविष्य बना सकते है।

लॉ करने के बाद आप किसी के Legal Advisor बन सकते है इसमे आप साल के 5 लाख रुपये तक आराम से कमा सकते है इसके अलावा आप वकील बनकर भी अच्छे खासे पैसे कमा सकते है। LLB करने के बाद आप LLM भी कर सकते है जिसके बाद आप चाहे तो पीएचडी करके किसी कॉलेज में लेक्चरर भी बन सकते है।

*LLB करने के बाद वकील कैसे बने?*

LLB के बाद ज्यादातर छात्र वकील बनना चाहते है क्योंकि इसमे बेहतर कैरियर स्कोप है । वकील बनने के लिए सबसे पहले तो आपको अपनी बारहवीं कक्षा पास करनी होगी। उसके बाद आपका वकील बनने का सफर शुरू होगा।

• बारहवीं कक्षा पास करने के बाद आपको लॉ के एंट्रेंस जैसे कि CLAT में बैठना पड़ता है इस एग्जाम में जब आप क्वालीफाई कर जाते है तब आप लॉ कॉलेज में एडमिशन पा सकते है। इसके बाद आपको कॉलेज में 5 साल तक लॉ की पढ़ाई करनी होती है।

•लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको इंटर्नशिप भी करनी पड़ेगी । और यह करना जरूरी भी होता है क्योंकि इससे आपको किस तरह से अदालत में काम किया जाता है वह सब समझ मे आ जाता है। इस दौरान आप किसी सीनियर वकील के साथ रह कर भी काम को सीख सकते है।

• इस सब के बाद बारी आती है स्टेट बार कौंसिल के लिए एनरोल करने की। इसके लिए एनरोल करना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके बाद ही आप अदालत में प्रैक्टिस करने के लिए काबिल हो पाएंगे।

जब आप इसके लिए एनरोल करते है तो आपको एक और एग्जाम AIBE को क्लियर करना होगा और उसे क्लियर करने के बाद आपको प्रैक्टिस का सर्टिफिकेट मिल जाएगा। इसे मिलते ही आप अदालत में अपना जोहर दिखा सकते है और काम शुरू कर सकते है।

इसके अलावा आप चाहें तो LLM जो कि लॉ के छात्रों के लिए मास्टर डिग्री होती है वह भी कर सकते है और अपने क्षेत्र में और भी बेहतर बन सकते है और साथ ही बेहतर पैसे भी कमा सकते है तो दोस्तो ये थी LLB से जुड़ी हुई जानकारी हिंदी में , हम उम्मीद करते है आपको यह पसंद आई होगी।

35 thoughts on “LLB कोर्स की पूरी जानकारी हिंदी में।

  1. sir mera intermidiate science side se ho chuka hai mai llb karna chahta hun ab aap please bata dijie ki mai BA me kaun si side select karun.

  2. Accha sir HM jaise graduate hai toh kya hm ko 5 year ka course karna pade ga ya 3 year ka
    …meri toh main h 3 year wla par kya wo sab facalties mile gi jo 12 ke baad mile gi

  3. Sir,
    Mene graduation complete krli hai muje llb krna h please sir btaye ki starting kha se kre n kya study kre kya nhi.
    Sir Please Reply me.

    • koshish karein ki sare paper current semester mein hi clear ho jayen , agar nahi hui to agle semester tak kar len waise to entire course duration mein kabhi bhi clear kar sakte hain lekin backlog papers ka burden current semester papers ke saath badhte chala jaata hai aur phir aap himmat haarne lagte hain.

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