रियल एस्टेट बिज़नेस में प्रॉपर्टी डीलर कैसे बनें पूरी जानकारी

आज के समय मे यदि आप बिजनेस करने के बारे में विचार कर रहे है तब आपने रियल एस्टेट बिजनेस के बारे में सुना होगा, आप इस बिजनेस में घर बैठे लाखों रुपये कमा सकते है बस आपको पेपर वर्क करना आना चाहिए पेपर का मूल्यांकन करना आना चाहिए फिर आप आसानी से लाखों रूपये महीने में कमा सकते है, चलिए दोस्तों जानते है कि आखिर रियल एस्टेट बिजनेस होता है क्या, इसमें किस तरह के पेपर का मूल्यांकन करना रहता है, साथ ही हम रियल एस्टेट के बाजार के बारे में जानेंगे इसका भविष्य क्या है आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे। 

यदि आप रियल एस्टेट बिजनेस करने के बारे में सोच रहा है तब आपको उसके बारे में सभी चीजें जानना आवश्यक है तभी आप असफलता सफलता दोनों को स्वीकार कर सकते है, हर व्यवसाय में जोखिम होता है किसी मे अधिक किसी मे कम होता है ऐसे में किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी पता होना चाहिए।।

 

रियल एस्टेट बिजनेस क्या है

वास्तव में बहुत लोग रियल एस्टेट बिजनेस से अंजान होते है पर रियल एस्टेट एक ऐसा बिजनेस है जिसमें लाभ होने का चांस बहुत ज्यादा होता है, इसमें हानि होने का चांस बहुत ही कम होता है। अगर सीधे शब्दों में कहे रियल एस्टेट क्या होता है तब इसमें जमीन, फ्लैट, मकान, ऑफिस प्लाट आदि की खरीदने बेचने की बिजनेस है, एक ग्राहक से लेकर दूसरे ग्राहक को अपने प्रॉफिट के अनुसार बेचना होता है। आप इस बिजनेस को अकेले भी कर सकते है साथ ही पार्टनरशिप में भी कर सकते है आपको दोनों रूप में फायदा होगा।

रियल एस्टेट बिजनेस में पेपर कैसे चेक करें

रियल एस्टेट बिजनेस में सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है पेपर वर्क का, ऐसे में यदि आप लीगल रुप से किसी भी जमीन को खरीदना चाहते है उसे लीगल रूप से किसी और ग्राहक को बेचना चाहते है तब आपको जिससे आप खरीदते है उसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी इक्क्ठा करना होता है जैसे उस जमीन का नक्शा खसरा है  या नही, नक्शा खसरा के लिए आप पटवारी से सम्पर्क कर सकते है या फिर इसके लिए उस क्षेत्र के हल्का ऑफिस में जाकर आप नक्सा खसरा चेक कर सकते है साथ ही आप अब अपने राज्य सरकार के जमीन से सम्बंधित आधिकरिक वेबसाइट में भी जाकर जमीन के बारे में देख सकते है, व जमीन का नक्शा खसरा व पैमाना वहाँ से डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकलवा सकते है।

जैसे ही आप नक्शा खसरा चेक करते है फिर आपको पैमाना चेक करना होगा जमीन के लिए उस व्यक्ति के नाम पर रशीद कट रहा है या नही यह चेक करना है यदि कटा रहा है तब उसका फ़ोटो कॉपी निकलवा कर रख लें, रसीद के लिए आपको तहसील कार्यालय जाना होगा, रसीद का आप उनसे फ़ोटो कॉपी मांग सकते है ताकि आप उसे तीसरे पार्टी को दिखा सके।

इसके बाद आपको जमीन का निरीक्षण करना होगा, जमीन किस तरह से किस दिशा में रोड है, जमीन के किस दिशा में सूर्योदय हो रहा है उस जमीन के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी जो एक ग्राहक खरीदते वक्त पूछता है वह सब आपको जमीन निरीक्षण करते वक़्त ध्यान से याद रखना है ताकि आप क्लाइंट का सही रूप से बता सके। इस बात का विशेष ध्यान रखे कि वह जमीन उस इंसान के कब्जे में है या नही, यदि है तब आप लीगल रूप से उसे बहुत ही आसानी से खरीद कर किसी भी ग्राहक को बेच सकते है।

अब आपको हल्का अधिकारी (पटवारी) या फिर तहसील कार्यालय में जाकर जमीन के जमाबंदी के बारे में पता करना है कि वह जमीन कहि पैतृक है उसका बंटवारा हुआ है या नही, कोई पर्टीदार उसके भाई, बहन चाचा आदि कोई तो नही है, इस बात का पता आप कर लें। फिर आपको करंट रशीद कट रहा है या नही वह देखना है फिर आप वही प्रोसेस करे जमीन के निरीक्षण के लिए ताकि भविष्य में किसी तरह का समस्या हो।

आप इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखे कि कोई भी जमीन यदि पैतृक है व उसका जमाबंदी व पैमाना जो इन्सान बेचना चाहता है उसके पास नही है तब आप ऐसे प्रॉपर्टी को लेने से बचे क्योकि आपको जीतना प्रॉफिट नही होगा उससे ज्यादा भविष्य में दिक्कत आयेगा।

रियल एस्टेट बिजनेस में क्या फायदा है

रियल एस्टेट बिजनेस में आपको लीगल रूप से सरकार द्वारा जारी किए गाइडलाइंस के मुताबिक 2% मिलेगा यह दोनों पार्टी से मिलेगा अर्थात जो जमीन बेच रहा है जो जमीन खरीदना चाहता है, दोनों तरफ़ से 2-2 % पैसे मिलेगा। यदि आप चाहते है तब आप क्लाइंट से अलग अलग बयाना ले सकते है, दोनों से आप कितने में डील करते है यह आप पर निर्भर करता है। यदि कोई जमीन 20 लाख का है तब दोनों पार्टी बेचने खरीदने वाले से 40-40 हजार रुपये मिलेगा, इसके साथ ही यदि आप अपना डीलिंग प्राइस पहले उनको बताते है तब यह आपके मध्य अग्रीमेंट होता है आप कितने पैसे लेते है यह आप पर होगा, आप 1लाख 2लाख जीतना भी ले रहे है यह आप पर निर्भर होगा आपको अलग से इसमे किसी तरह का कमीशन नही मिलेगा ऐसे में आपको क्लाइंट से खुद बात करना होगा, यदि लीगल तरीके से होता है तब एग्रीमेंट में साफ लिखा होता है बेचने खरीदने के 2% रियल एस्टेट मालिक जो दोनों के मध्य डील कराता है उसे मिलेगा। सौदा के वक़्त दोनों क्लाइंट को आमने सामने रख कर एग्रीमेंट में हस्ताक्षर कराए व दोनों से आप अपने कमीशन के बारे में पहले से विचार कर ले।

रियल एस्टेट बिजनेस के लिए योग्यता

रियल एस्टेट बिजनेस के लिए किसी तरह से पढ़ लिखा होना जरूरी नही है आपको इसके लिए किसी तरह का भी शैक्षणिक ज्ञान होना या होना निर्भर नही करता है। रियल एस्टेट बिजनेस में आपको इस बात का ध्यान रखना होता है कि आप पेपर वर्क कर पा रहे है या नही, एग्रीमेंट बनाना आना चाहिए, साथ ही आप जमाबंदी, नक्शा खसरा, पैमाना, जमीन के बाकी कागजात आदि आपको चेक करना आना चाहिए। यदि आप लीगल रूप से चेक कराना चाहते है पेपर तब आप अमीन (पटवारी) को नक्शा दिखा कर जमीन के बारे में पूरी जानकारी ले सकते है। इस तरह से आपको रियल एस्टेट बिजनेस करना होगा आपको किसी प्रकार का दिक्कत नही आएगा बस आपको अब रियल एस्टेट बिजनेस के लिए ऑफिस खोलना होगा।

रियल एस्टेट बिजनेस के लिए ऑफिस का लोकेशन :

यदि आप रियल एस्टेट बिजनेस करना चाहते है तब आपका एक प्रॉपर ऑफिस होना चाहिए ताकि आप क्लाइंट से डील आसानी से कर सके, इसके लिए आपको शहरों के अंदर ऑफिस खोलना होगा ताकि ग्राहक को आने में किसी तरह का समस्या हो और वह अपना प्रॉपर्टी बेचने सके, साथ ही खरीदने वाले को भी दिक्कत हो इसके लिए आपको ऐसे जगह में ऑफिस लोकेशन रखना होगा जहां सभी लोग आसानी से सके। 

रियल एस्टेट बिजनेस के लिए लोकेशन का खास ध्यान रखा जाता है, ताकि कुछ भी कानूनी कार्यवाही के लिए तहसील जाने में आसानी हो ऐसे में आप ऑफिस खोलते वक़्त सभी बात का ध्यान रखें।

रियल एस्टेट बिजनेस के लिए रेजिस्ट्रेशन :

रियल एस्टेट बिजनेस के लिए आप दो तरह से रेजिस्ट्रेशन कर सकते है एक तो आप अकेले बिजनेस करना चाहते है उसके लिए कर सकते है या फिर दूसरा तरीका है कि आप पार्टनरशिप या फर्म के रूप में रेजिस्ट्रेशन कर सकते है। रियल एस्टेट बिजनेस एक तरह का व्यापार है इसके लिए आपको अलग अलग तरह के रेजिस्ट्रेशन करना होगा जैसे 

RERA रेजिस्ट्रेशन – इसके लिए आपको आप जिस भी राज्य में बिजनेस करना चाहते है वहाँ नए रियल एस्टेट अधिनियम के तहत आपको rera रेजिस्ट्रेशन करना होगा, तभी आप रियल एस्टेट बिजनेस कर सकते है। आप जैसे ही रेजिस्ट्रेशन कराते है फिर आपके बिजनेस के लिए RERA नंबर मिलेगा जिसे आप कोई भी डील करते है उसमें उसका विवरण देना होगा।

 

  • GST – यदि आप रियल एस्टेट बिजनेस करना चाहते है तब आपका व्यपार GST के तहत आएगा ऐसे में आपको GST से सम्बंधित पेपर वर्क इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जाकर CA के मदद से कराना होगा साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न्स फ़ाइल करना होगा।

 

  • बिजनेस करने के लिए आपको नगर परिषद से अनुमति लेना होगा जब नगर परिषद आपको NOC देता है तभी आप अपना ऑफिस कहि भी लगा सकते है अन्यथा नही।

 

रियल एस्टेट बिजनेस में क्षेत्र का चुनाव कैसे करें : 

यदि आप रियल एस्टेट बिजनेस करने के बारे में सोच रहे है तब आपको इसमें बहुत से क्षेत्र दिखाई देगा, आप सभी क्षेत्र में एक साथ काम कर सकते है यदि आप पार्टनरशिप या फर्म बनाकर वर्क करते है। यदि आप अकेले ही रियल एस्टेट बिजनेस करना चाहते है तब आपको एक ऐसे क्षेत्र का चुनाव करना होगा जिसमें आपको वेरिफिकेशन व एग्रीमेंट कराने में कम समय लगे ताकि आप आसानी से महीने का लाखो रुपये कमा सके इसके लिए आप फ्लैट, जमीन, ऑफिस व घर आदि का डीलिंग क्लाइंट से कर सकते है व महीनों का लाखों रुपये समझौता करके कमा सकते है।

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