SIRIDHANYA Millet खाएं और कोई भी बीमारी को दूर भगाएं – Dr Khadir Wali

Dr Khadir Wali ने millets पर बहुत रिसर्च किया और उन्होंने यह बताया की  SIRIDHANYA Millet 5 हैं , जो की positivite grains हैं यदि हम यह अनाज खाएं तो हम किसी भी बीमारी को ख़तम कर सकते हैं , इन 5 millet को उन्होंने siridhanya और पॉजिटिव ग्रेन्स kaha उनके अनुसार इन millets में healing ability है यह आपके शरीर को पुनः रोग मुक्त करता है , आजकल तो हम यह जानते हैं की हमारे खान पान सही न होने के कारण अथवा बाजार में जो भी हम खरीदते हैं उसमे chemicals और fertilizers का इस्तेमाल होता है जिससे हमारे शरीर के gut microbiome नष्ट हो गए हैं और जो ज़रा सा बीमार पड़ने पर जो हम बात बात पर एंटीबायोटिक खाते हैं उससे भी हमारे गुड बैक्टीरिया जो हमारे शरीर के अनेक फंक्शन में सहयोग करते हैं वह नष्ट हो जाते हैं जिस वजह से हम अनेक रोग से ग्रसित हो जाते हैं और जीवन भर दवाई खाते रहते हैं , अत शरीर को स्वस्थ रखने का मूल मंत्र यह है के हम अपने शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाएं अपने शरीर के गुड माइक्रोब्स , gut microbiome अथवा हमारे आंतो में जो good bacteria रहते हैं उसको बढ़ाना है ताकि हमारा शरीर स्वस्थ हो और अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता रखे।

siridhanya millets 5 हैं जो की पॉजिटिव ग्रेन्स कहलाते हैं।

1) Kodo Millet

2) Foxtail Millet

3) little Millet

4) Barnyard Millet

5) Browntop Millet

इन पाँचों मिलेट में शरीर को पुनः नया जीवन देने की क्षमता है , प्राचीन काल में हमारे पूर्वज मिलेट ही खाते थे , ऐसा चलन था के रात में हमारे पूर्वज इन मिलेट को पका कर रख देते थे और उसे सुबह खाते थे (fermented millet ) जिसे हम ambali भी कहते हैं , लेकिन जब से गेहूं और चावल का प्रचलन तेजी से बढ़ा हम अपने प्राचीन आहार मिलेट को भूल गए , Dr Khadir Wali ने इन बातों पर रिसर्च किया और पूरे विश्व को बताया के हमारे इस प्राचीन अनाज के क्या क्या फायदे हैं , कैसे यह हमारी इम्युनिटी badhata है कैसे gut microbiome को स्वस्थ  रखता है और हमें अनेक रोगों से bachata है , Dr Khadir के अनुसार यदि अगर कोई व्यक्ति बहुत ज़्यादा बीमार है चाहे वह कोई भी बीमारी हो

ambali (fermented millet) बनाने का तरीका :-

कोई एक siridhanya मिलेट को लेकर एक बार उसे अच्छे से धो लें , एक मिटटी के बर्तन में 6  या 8  गुना पानी ले कर इसे 10 – 12 घंटे पानी में भिगोये रहने दें उसके बाद इसे अच्छे से पकाएं जैसे मान ले हम ने 1  cup kodo मिलेट लिया इसे हमने धो कर मिटटी के बर्तन में 8 कप पानी डालकर 10 – 12 घंटे पानी में भिगोने के बाद इसे उसी पानी में अच्छे से पकाएं लगभग 20  मिनट में यह पक कर तैयार हो जायेगा , अब मिटटी के बर्तन को आप खादी के कपडे से बाँध दें और इसे 10  से 12  घंटे बाद खाएं इसे हम मिलेट fermented porridge या ambali कहते हैं , यदि अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमार हो और उसे हम इस भोजन को दिन में तीन बार सुबह दोपहर और शाम देते हैं तो वह  उसके शरीर की इम्युनिटी और स्वस्थ gut microbiome  को पुनः बना देगा  जिससे वह  स्वस्थ हो जायेग।

मिलेट शरीर में ग्लूकोस बहुत धीरे धीरे छोड़ता है तथा दिन भर यह हमें ऊर्जा देते रहता है जिससे हमें बल मिलता है , कोई भी रोग हो diabetes  , अस्थमा , auto immune disease  , arthritis  यदि हम यह अम्बालि खाते हैं कम से कम 2 महीने तक तो हमारा शरीर पुनः स्वस्थ हो जायेगा ,

रागी भी मिलेट में ही आता है लेकिन यह neutral grain की category में आता है पॉजिटिव मिलेट सिर्फ 5  हैं जो की siridhanya मिलेट हैं

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